बांसवाड़ा जिला कलेक्टर डॉ इंद्रजीत यादव ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक समय सीमा में पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों और समस्याओं का समाधान गुणवत्तापूर्ण और धरातल पर दिखने वाला होना चाहिए।

जिला कलेक्टर ने मंगलवार को वीसी कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं, बजट घोषणाओं और लम्बित प्रकरणों की प्रगति की विभागवार विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता जरूरी

जिला कलेक्टर डॉ यादव ने जनसुनवाई, मुख्यमंत्री जनसुनवाई और संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों के डिस्पोजल टाइम (निस्तारण अवधि) और सैटिस्फैक्शन लेवल (संतुष्टि स्तर) को परखा। 

उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाए। साथ ही अधिकारियों को अपने निर्धारित टूर, निरीक्षण और नाइट हॉल्ट (रात्रि विश्राम) की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक उपस्थिति सुदृढ़ हो सके।

जल संरक्षण और समर कंटीजेंसी पर फोकस

 बैठक में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जल संरक्षण गतिविधियों में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत लंबित कार्यों को गति देकर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। समर कंटीजेंसी प्लान की समीक्षा करते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और विद्युत कनेक्शनों की स्थिति को तुरंत दुरुस्त करने को कहा। बजट घोषणा के तहत विभिन्न विभागों के लिए आवश्यक भूमि आवंटन के लंबित प्रकरणों को समयबद्ध रूप से निपटाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, उन्होंने विद्यालयों में शौचालय निर्माण, आंगनवाड़ी भवनों की प्रगति, लाडो प्रोत्साहन योजना तथा पालनहार योजना के तहत लाभार्थियों के वार्षिक सत्यापन के कार्य को गति देने के निर्देश दिए।

हरियालो राजस्थान और जनगणना पर चर्चा

 प्रशासनिक बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने हरियालो राजस्थान अभियान की तैयारियों तथा जनगणना कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी निर्धारित समय सीमा में लक्ष्यों को प्राप्त करें, इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर सुश्री सोनु कुमार, उप वन संरक्षक श्री अभीषेक शर्मा,जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गोपाल लाल स्वर्णकार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे ।