बांसवाड़ा।

एक तरफ जहां स्थानीय किसान यूरिया खाद की एक-एक बोरी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी (Black Marketing) का धंधा चरम सीमा पर पहुंच चुका है। ताजा मामला खूंटा कुंडिया ग्राम पंचायत (कोटड़ा) से सामने आया है, जहां रात के अंधेरे में राजस्थान के कुशलगढ़ से मध्य प्रदेश के बाजना में खाद की अवैध तस्करी का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है।

🕒 रात12 से 2 बजे के बीच 'खाद का खेल'

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से कुशलगढ़ से यूरिया खाद की बोरियों से भरी पिकअप और इको गाड़ियां रात के 12 से 2 बजे के बीच खजुरा जांबुवानिया के रास्ते मध्य प्रदेश के बाजना भेजी जा रही हैं। बॉर्डर पार हो रही इस हेरा-फेरी की भनक स्थानीय ग्रामीणों को लग चुकी थी।

🛑 ग्रामीणों ने रात 1 बजे घेरी गाड़ियां, ड्राइवर बनाने लगे बहाने

लगातार मिल रहे अंदेशे के बाद सजग ग्रामीणों ने एकजुट होकर इन संदिग्ध गाड़ियों की निगरानी शुरू की। बीती रात करीब 1 बजे जब खाद से भरी गाड़ियां वहां से गुजर रही थीं, तो ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया। जब चालकों से खाद के परिवहन को लेकर पूछताछ की गई, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और लगातार बहाने बनाते नजर आए।

❓ जनता के तीखे सवाल: क्या सिस्टम हो चुका है फेल?

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है और लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं:

 

प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका: इतनी बड़ी मात्रा में रात के सन्नाटे में बॉर्डर पार खाद भेजी जा रही है, क्या इसमें पुलिस या संबंधित प्रशासन की भी मूक सहमति है? यह सवाल हर आमजन की जुबान पर है।

 

किसानों से सरेआम लूट: स्थानीय स्तर पर किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर मुनाफाखोर व्यापारियों द्वारा खाद के एवज में किसानों से धड़ल्ले से मोटी रकम वसूली जा रही है।

 

फेल होता सिस्टम:

क्या सरकार और प्रशासन खाद की इस कालाबाजारी को रोकने और किसानों को राहत देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो चुके हैं? जनता अब इसका जवाब चाहती है।

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि रात के समय अवैध रूप से खाद भरकर निकलने वाली इन गाड़ियों और इसके पीछे सक्रिय मुख्य माफियाओं पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि स्थानीय किसानों को उनका हक मिल सके